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पाँच रथ
पाँच रथ
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पाँच रथ

पाँच रथ

महाबलीपुरम • चेन्गलपट्टू • तमिलनाडु

सांस्कृतिक विरासत स्थल
समय
6:00 AM – 6:00 PM
💰 प्रवेश शुल्क
₹ ₹40, Foreign Tourists: ₹600
समय अवधि
1-2 hr
📍 दिशा निर्देश
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About पाँच रथ

पंच रथ, जिन्हें पांच रथ के नाम से भी जाना जाता है, प्राचीन दक्षिण भारतीय वास्तुकला के सबसे अद्भुत स्मारकों में से हैं। महाबलीपुरम में स्थित ये एकल स्तरीय शिला-उपलब्ध मंदिर 7वीं शताब्दी में पल्लव राजा नरसिम्हवर्मन प्रथम के शासनकाल में बनाए गए थे। प्रत्येक रथ को एक ही ग्रेनाइट चट्टान से तराशा गया है और इसका नाम भारतीय महाकाव्य महाभारत के पांडवों और द्रौपदी के नाम पर रखा गया है। यद्यपि ये संरचनाएँ कभी पूरी नहीं हुईं और न ही इन्हें मंदिर के रूप में इस्तेमाल किया गया, यह द्रविड़ीय मंदिर वास्तुकला में एक प्रायोगिक चरण का प्रतिनिधित्व करती हैं और बाद में कई दक्षिण भारतीय मंदिर डिज़ाइनों को प्रेरित किया।

पांच रथ यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल 'महाबलीपुरम के स्मारकों का समूह' का हिस्सा हैं। प्रत्येक रथ (रथ) एक ही ग्रेनाइट की चट्टान से तराशा गया है और संरचनात्मक रूप से अद्वितीय है, जो अलग-अलग मंदिर शैलियों का प्रतिनिधित्व करता है: 1-द्रौपदी रथ – छोटा, साधारण संरचना 2-अर्जुन रथ – आयताकार और सादा 3-भीमा रथ – बड़ा, बैरल आकार की छत 4-धर्मराजा रथ – सबसे ऊंचा, पिरामिडाकार छत के साथ 5-नकुल सहदेव रथ – सबसे छोटा, सरल नक्काशी के साथ स्मारक पल्लव शिल्पकारों की वास्तुशिल्प नवाचार को दर्शाते हैं और उनकी छत लकड़ी की संरचनाओं की नक्कल में बनी हुई है। पूरी तरह से ग्रेनाइट से बने इन मंदिरों को कभी पूरा नहीं किया गया, लेकिन नक्काशी जटिल और प्रभावशाली है, जिसमें पौराणिक और पुष्पी प्रतिमाएं दिखाई देती हैं।

🎯 करने योग्य बातें

📍 आस-पास के स्थान

📍 शोर मंदिर – 1 किमी दूर📍 अर्जुन की तपस्या / गंगा अवतरण – 500 मीटर दूर📍 महाबलीपुरम समुद्र तट – शाम की सैर और पिकनिक के लिए उपयुक्त📍 मंदिर – वराह गुफा / कृष्ण मंडप (1 किमी के भीतर)

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Frequently Asked Questions

What is the best time to visit?

What is the entry fee?
₹ ₹40, Foreign Tourists: ₹600